उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि जूनियर वकीलों को बेहतर सुविधाएं और वजीफा मिलना चाहिए
जलपाईगुड़ी। जलपाईगुड़ी में कलकत्ता हाईकोर्ट की सर्किट बेंच के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन समारोह शनिवार को राजनीति और न्यायपालिका के अनूठे संगम का गवाह बना। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी चिर-परिचित शैली में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
मंच पर देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने राज्य के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार का मुद्दा उठाकर सियासी हलचल तेज कर दी। मुख्यमंत्री ने न्यायपालिका के शीर्ष नेतृत्व की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि देश को वर्तमान में मीडिया ट्रायल और एजेंसियों की पारदर्शिता की कमी से बचाने की जरूरत है। उन्होंने भावुक और सख्त लहजे में कहा हमें अपने लोकतंत्र, इतिहास और भूगोल की रक्षा करनी होगी। मैं यह अपने लिए नहीं कह रही, बल्कि पूरे देश के लिए कह रही हूं। हम सब आपकी कस्टडी में हैं, आप ही हमें और हमारे लोकतंत्र को सुरक्षित रखें। भाषण के दौरान जब मुख्यमंत्री ने अदालतों के बुनियादी ढांचे पर बात शुरू की, तो उन्होंने सीधे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की ओर इशारा किया।
उन्होंने मुस्कुराते हुए लेकिन स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्लीज़, केंद्रीय कानून मंत्री जी बुरा न मानें... केंद्र ने फंड बंद कर दिया, लेकिन हमने काम नहीं रोका। हमने 1200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और 88 फास्ट ट्रैक कोर्ट, 7 पॉक्सो कोर्ट व 19 मानवाधिकार कोर्ट बनाकर दिखाए हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य सरकार ने राजारहाट में हाईकोर्ट के लिए कीमती जमीन भी उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री ने सर्किट बेंच के नवनिर्मित भवन को कलकत्ता हाईकोर्ट के मूल भवन से भी बेहतर बताया। ममता बनर्जी ने न केवल बुनियादी ढांचे, बल्कि वकालत के पेशे में नए आए युवाओं के लिए भी आवाज उठाई। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि जूनियर वकीलों को बेहतर सुविधाएं और वजीफा मिलना चाहिए।
उन्होंने अब्राहम लिंकन की तर्ज पर कहा कि अदालतें— जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा होनी चाहिए, जहां धर्म या जाति के आधार पर कोई भेदभाव न हो। उद्घाटन समारोह भले ही न्यायिक था, लेकिन ममता बनर्जी के भाषण ने इसे केंद्र बनाम राज्य के अधिकारों की लड़ाई में बदल दिया। अब देखना यह है कि केंद्रीय कानून मंत्री इस बुरा न मानें वाली टिप्पणी का जवाब किस तरह देते हैं।